Video: मजदूरी छोड़, बने मालिक! 40 हजार के निवेश से रोजाना हजारों की कमाई, पलायन को दिखाया ठेंगा

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Success Story: झारखंड के गुमला जैसे जिलों से जहां लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं. वहीं घाघरा प्रखंड के रनहे गांव के विनय उरांव ने घर पर रहकर ही स्वावलंबन की नई राह चुनी है. करीब 12 साल तक ईंट भट्ठों में कड़ी मजदूरी करने वाले विनय आज किसी के आगे हाथ फैलाने के बजाय खुद का उरांव गन्ना जूस स्टॉल चला रहे हैं. मैट्रिक के बाद आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले विनय ने एक साहसी फैसला लिया. उन्होंने ₹40000 की पूंजी जमा की और गन्ने के रस का व्यवसाय शुरू किया. आज वे महज ₹10 और ₹20 प्रति गिलास जूस बेचकर रोजाना करीब ₹1000 कमा रहे हैं. खास बात यह है कि वे बिचौलियों पर निर्भर नहीं हैं. वे अपने ही खेत में उगे गन्ने का इस्तेमाल करते हैं. जिससे उनका मुनाफा बढ़ गया है. घाघरा के चपका डिपा में लगने वाले उनके स्टॉल पर काला नमक, नींबू और पुदीने से तैयार शुद्ध जूस के लोग दीवाने हैं. विनय की यह कहानी उन युवाओं के लिए सबक है जो चंद रुपयों की खातिर घर छोड़कर बाहर जाते हैं. विनय साबित कर रहे हैं कि अगर सोच बड़ी हो, तो छोटी सी मशीन भी किस्मत बदलने वाली मशीन बन सकती है.   Read More ...

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