Video: मजबूरी को मोड़ा, रूढ़ियों को तोड़ा! झुग्गी से निकल पहुंची पिंक बस की ड्राइविंग सीट तक, बनीं नई मिसाल
Patna Pink Bus Women Drivers Story: पटना की झुग्गियों से निकलकर पिंक बस की ड्राइविंग सीट तक पहुंची 6 मुसहर बेटियां अब शहर की नई पहचान बनने वाली हैं. महिला सशक्तीकरण के लिए शुरू हुई पिंक बस सेवा को फिलहाल पुरुष चलाते हैं, लेकिन आरती, रागिनी, अनीता, सावित्री, गायत्री और बेबी ने महीनों की हेवी वाहन ट्रेनिंग और गणतंत्र दिवस परेड में अपनी क्षमता साबित कर दी थी. महादलित मुसहर समुदाय से आने वाली ये युवतियां सिर्फ स्टीयरिंग नहीं थाम रहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही मजबूरी और पूर्वाग्रहों को भी मोड़ दे रही हैं. रागिनी अपने खानदान की पहली ग्रेजुएट हैं. टोला सेवक पिता, मजदूर मां और कचरा बीनने वाले दादा के बीच पली रागिनी को गांव वालों के ताने झेलने पड़े. लड़की भाग गई क्या? इतनी पतली है, बस कैसे चलाएगी? अब वही रागिनी पूरे पटना में सुरक्षित बस चलाकर साबित कर दी कि लड़कियां ड्राइवर भी बन सकती हैं और प्रोफेसर भी. उनका लक्ष्य है पहले परिवार को संभालना, फिर पीएचडी कर विश्वविद्यालय की क्लास तक पहुंचना. Read More ...
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Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail