आधी रात श्मशान में पूजा करती महिलाएं! जोधपुर की 100 साल पुरानी ‘खेमकुशल’ परंपरा आज भी कायम

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100 year old Khemkushaal tradition : राजस्थान की धरती पर कई ऐसी अनोखी परंपराएं हैं, जो सदियों बाद भी आज तक जीवित हैं. जोधपुर शहर में भी एक करीब 100 साल पुरानी परंपरा आज भी पूरी आस्था और नियमों के साथ निभाई जाती है. इस परंपरा के तहत महिलाएं आधी रात यानी 12 बजे श्मशान घाट पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करती हैं. ‘खेमकुशल’ नाम से जानी जाने वाली यह परंपरा चैत्र शुक्ल पक्ष में रविवार और उसके बाद आने वाले मंगलवार को निभाई जाती है. कुम्हारिया कुआं क्षेत्र की महिलाएं हाथ में मूसल लेकर सिवांची गेट से होते हुए श्मशान घाट पहुंचती हैं और वहां भगवती व भैरव की विशेष पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस अनुष्ठान से अकाल मृत्यु, बुरी शक्तियों और अनहोनी से पूरे मोहल्ले और परिवार की रक्षा होती है. खास बात यह है कि इस पूरी पूजा में केवल महिलाएं ही शामिल होती हैं और इसे समाज की बुजुर्ग महिला के नेतृत्व में किया जाता है.   Read More ...

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