जोधपुर की सदियों पुरानी परंपरा, धणी अनुष्ठान में होगी मौसम और राजनीति पर भविष्यवाणी

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Jodhpur Dhani Ritual: जोधपुर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को सदियों पुरानी धणी परंपरा एक बार फिर जीवंत होगी. बाईजी का तालाब स्थित घांची समाज बगीची में आयोजित इस खास अनुष्ठान में सुकाल-अकाल, वर्षा और राजनीतिक हालात को लेकर संकेत दिए जाएंगे. परंपरा के अनुसार यज्ञ वेदी के पास दो छोटे बालकों को खड़ा कर उनके हाथों में बांस की पट्टिकाएं दी जाती हैं. एक पर कुमकुम और दूसरी पर काजल लगाया जाता है. मंत्रोच्चार के बीच इन पट्टिकाओं की गति को भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है. मान्यता है कि कुमकुम लगी पट्टी शुभ समय, अच्छी वर्षा और शांति का संकेत देती है, जबकि काजल लगी पट्टी संकट और विपरीत परिस्थितियों का संकेत मानी जाती है. जोधपुर की यह अनोखी परंपरा आज भी लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनी हुई है.   Read More ...

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