Video: अजवाइन का पानी, 30 मिनट का वेटिंग फॉर्मूला! पशुपालक आजमाएं ये 2 ट्रिक्स, दूध का प्रोडक्शन नहीं होगा कम

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Animal Husbandary: पशुपालन में मुनाफे का गणित सिर्फ अच्छे चारे पर नहीं, बल्कि पशु के स्वास्थ्य प्रबंधन पर टिका है. रांची के अनुभवी पशुपालक विनोद ने लोकल 18 के जरिए डेयरी किसानों को एक ऐसी गंभीर गलती के प्रति सचेत किया है, जो दूध की क्वालिटी और उत्पादन दोनों को बर्बाद कर सकती है. यह समस्या है थनैल. विनोद बताते हैं कि अक्सर दूध निकालने के तुरंत बाद गाय या भैंस जमीन पर बैठ जाती है. उस वक्त थन के छिद्र खुले होते हैं. जिससे गंदगी और बैक्टीरिया सीधे अंदर चले जाते हैं. अगर पशु को दूध निकालने के बाद कम से कम 30 मिनट तक खड़ा रखा जाए, तो संक्रमण का खतरा 90% तक कम हो जाता है. संक्रमण के शुरुआती लक्षणों (सूजन या लाली) को भांपते ही विनोद एक सस्ता घरेलू नुस्खा अपनाने की सलाह देते हैं. अजवाइन को पानी में इतना उबालें कि वह गाढ़ा हो जाए, फिर उस गुनगुने पानी से थन की सिकाई करें. यह प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक सिकाई दो-तीन दिनों में ही असर दिखाने लगती है. साथ ही बेटाडिन के घोल से थन की नियमित सफाई पशुओं के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है.   Read More ...

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