आदिलाबाद की डोकरा कला, जब मिट्टी टूटती है और जन्म लेती है 4,000 साल पुरानी अमर डोकरा कला

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Dhokra art Adilabad: तेलंगाना के आदिलाबाद जिले का ओझा समुदाय आज भी 4,000 साल पुरानी डोकरा कला को जीवित रखे हुए है. लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक से बनाई जाने वाली ये पीतल की मूर्तियां अपनी अनोखी पहचान के लिए जानी जाती हैं, क्योंकि हर सांचे से केवल एक ही मूर्ति बनती है. इस प्रक्रिया में मिट्टी, मधुमक्खी के मोम और धातु का इस्तेमाल कर बेहद बारीकी से कलाकृति तैयार की जाती है. यह वही प्राचीन तकनीक है जिसका उपयोग सिंधु घाटी सभ्यता में भी किया जाता था. आदिलाबाद डोकरा को इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण GI टैग भी मिल चुका है. आज यह कला देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ-साथ आदिवासी जीवनशैली को भी दर्शाती है, लेकिन बढ़ती लागत और नई पीढ़ी के दूर होते रुझान के कारण इसका भविष्य चुनौती में है.   Read More ...

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