भिंडी की फसल में येलो वेन मोजैक से सावधान, सही बीज उपचार और सफेद मक्खी नियंत्रण से बचाएं 90% तक नुकसान

Image credit: Internet

Okra cultivation: फरवरी से मार्च तक किसान गर्मी की भिंडी की बुवाई की तैयारी तेज कर देते हैं, लेकिन इस फसल में लगने वाला येलो वेन मोजैक वायरस बड़ी चुनौती माना जाता है. यह रोग सफेद मक्खी के जरिए फैलता है और लापरवाही होने पर 80–90 प्रतिशत तक पैदावार घटा सकता है. जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार बुवाई से पहले बीजों को 4-6 घंटे पानी में भिगोने से अंकुरण बेहतर होता है. साथ ही पूसा ए-4, अरका अनामिका और परभणी क्रांति जैसी रोग-प्रतिरोधी किस्मों का चयन करना जरूरी है. संक्रमण दिखने पर प्रभावित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट कर दें. सफेद मक्खी नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड जैसे कीटनाशक या 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में नीम तेल का छिड़काव हर 15 दिन में करने से फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन बेहतर मिलता है.   Read More ...

free visitor counters