रमजान का आखिरी अशरा शुरू! एतिकाफ के नियम, फायदे और इसकी अहमियत— क्यों कहा जाता है सुन्नत-ए-मुअक्कदा

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Ramadan last Ashra: रमजान के आखिरी अशरे की शुरुआत होते ही मुस्लिम समुदाय में एतिकाफ की खास अहमियत बढ़ जाती है. एतिकाफ का अर्थ है मस्जिद में रहकर पूरी तरह अल्लाह की इबादत में समय बिताना. यह रमजान के अंतिम दस दिनों में किया जाता है और इसे सुन्नत-ए-मुअक्कदा माना जाता है, यानी ऐसी सुन्नत जिसे पैगंबर मोहम्मद ने नियमित रूप से निभाया. एतिकाफ करने वाले लोग दुनियावी कामों से दूर रहकर नमाज, कुरान की तिलावत और दुआ में समय बिताते हैं. माना जाता है कि इसी अवधि में शब-ए-कद्र की बरकत भी मिलती है.   Read More ...

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