Video: लहसुन या अजूबा? शंख जैसा आकार और 1 कट्ठा में 2 क्विंटल से ज्यादा पैदावार, छीलने का झंझट नहीं

Image credit: Internet

Shankhwa Garlic Farming Tips: पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि प्रखंड में शंखवा लहसुन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहा है. गोविंदापुर के वरिष्ठ किसान रामअयोध्या सिंह बताते हैं कि यह देसी किस्म का लहसुन सामान्य लहसुन से आकार में बड़ा होता है और इसकी कलियां भी मोटी रहती हैं. जिस वजह से गृहिणियों के बीच इसकी खास मांग है. शंख जैसे आकार के कारण इसका नाम शंखवा लहसुन पड़ गया है. रामअयोध्या सिंह इसे मिर्च की फसल के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में उगाते हैं. वे बताते हैं कि इस लहसुन की खेती में रासायनिक खाद की बजाय मवेशियों से मिलने वाली जैविक खाद का अधिक इस्तेमाल किया जाता है. जिससे गांठें और ज्यादा बड़ी बनती हैं. दोमट मिट्टी को वे इसकी खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं. 4 से 5 महीने में तैयार होने वाली इस फसल को बीच में केवल 2 बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है. एक कट्ठा में 2 से 2.5 क्विंटल तक उत्पादन मिलने और बाजार भाव अचानक बढ़ जाने से यह फसल किसानों को अच्छा मुनाफा दिला रही है.    Read More ...

free visitor counters