Video: बिहार का फौजियों वाला गांव! हर घर से निकलता है सैनिक, गांव की कमेटी से चलती है ट्रेनिंग

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Army Training Village Bihar: देश सेवा का जज्बा कैसा होता है यह छपरा के मांझी प्रखंड के चंदौउपुर गांव में साफ दिखता है. इस गांव की पहचान किसी बड़ी फैक्ट्री या मॉल से नहीं, बल्कि यहां के फौलादी युवाओं से है. आजादी से पहले से ही इस गांव की परंपरा रही है कि यहां के हर घर से कम से कम 2 से 3 सदस्य भारतीय सेना में तैनात होकर सीमा की रक्षा करते हैं. आज भी गांव की पांचवीं-छठी पीढ़ी उसी जोश के साथ सुबह-शाम खेतों की पगडंडियों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ती नजर आती है. खास बात यह है कि सुविधाओं के अभाव में भी यहां के लोग सरकार के भरोसे नहीं बैठते. गांव की अपनी एक कमेटी है, जो युवाओं के दौड़ने से लेकर उनकी लिखित परीक्षा की तैयारी तक का सारा मैनेजमेंट संभालती है. रिटायर फौजी खुद बच्चों को ट्रेनिंग देते हैं. यहां फौज में जाना पैसा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि पूर्वजों से मिली देश सेवा की एक गौरवशाली विरासत है.   Read More ...

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