शुभ कार्यों में खोदा जाता है गूला, हजारों लोगों का खाना सस्ते में बनाने में आता है काम, अवध की संस्कृति में क्या है इसका महत्व जाने

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रीति रिवाज और परंपराओं में एक ऐसी परंपरा है जिसे गूला कहा जाता है. गूला एक प्रकार का जमीन के अंदर खोदा गया चूल्हा होता है लेकिन यह चूल्हा आपको जमीन के नीचे खोद कर बनाया हुआ मिलेगा.ग्रामीण अनिल कुमार मिश्रा लोकल 18 से बताते हैं कि गांव में शादी-विवाह, कथा, भंडारा या कोई बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होता है, तो वहां एक खास तैयारी की जाती है. यह जमीन में खोदकर “गूला” बनाने की तैयारी होती है. यही गूला उस कार्यक्रम की रसोईं का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है, जहां बड़े-बड़े कराह चढ़ते हैं और हजारों लोगों के लिए पूड़ी, सब्जी और अन्य खाना तैयार किया जाता है.   Read More ...

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