सुल्तानपुर में कौन थे अल्दे, मल्दे दो भाई? जिनके नाम पर पड़ा परगना का नाम, 1000 साल पुराना है इतिहास, जाने

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Sultanpur history: सुल्तानपुर के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि भर राजवंश के लोग बहुत ही साहसी और पराक्रमी थे. वह अपने शासन सत्ता को चलाने के लिए किसी भी बाधाओं का सामना कर सकते थे. भरों की सत्ता सुल्तानपुर में राजपूतों के आने के बाद कमजोर होती गई. पश्चिम की तरफ से जब राजपूत जातियाँ यहाँ पर आईं तो उन्होंने भर शासकों के यहाँ नौकरी की और फिर से सत्ता पर कब्जा कर लिया. मुस्लिम बादशाहों ने भी भरों पर आक्रमण किये. इसौली के भर राजा को पराजित करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने बैस राजपूतों को भेजा था.   Read More ...

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