केवलादेव में रचा इतिहास: भारतीय सारस का दुर्लभ जन्म, वैज्ञानिक भी हैरान, क्या दूसरा अंडा भी देगा खुशखबरी?

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Keoladeo National Park Bharatpur: राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से एक बेहद खुशखबरी सामने आई है, जहां पहली बार मार्च महीने में भारतीय सारस (Sarus Crane) का जन्म दर्ज किया गया है. यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि सारस आमतौर पर मानसून सीजन में प्रजनन करते हैं, लेकिन इस बार एक दुर्लभ जोड़े ने समय से पहले ही घोंसला बनाकर अंडे दिए. इनमें से एक अंडे से सुनहरे रंग का चूजा सुरक्षित बाहर आ चुका है, जो पक्षी प्रेमियों और वन विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. अब सभी की नजर दूसरे अंडे पर टिकी है, जिसके फूटने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. यह घटना सारस संरक्षण और केवलादेव के अनुकूल पर्यावरण का संकेत भी देती है, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है.   Read More ...

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