Black Carrot Cultivation: काली गाजर की खेती से बढ़ेगी किसानों की कमाई, कम उपलब्धता से बाजार में मिलते है बेहतर दाम

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Black Carrot Cultivation: कृषि में अब किसान पारंपरिक फसलों के साथ नई और ज्यादा मुनाफा देने वाली खेती की ओर बढ़ रहे है. इन्हीं में काली गाजर की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. अलीगढ़ के उद्यान विभाग के उप निदेशक बलजीत सिंह के अनुसार काली गाजर में एंथोसाइनिन नामक पिगमेंट अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो इसे गहरा बैंगनी या काला रंग देता है और इसके औषधीय गुण बढ़ाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-ए भरपूर होते है जो आंखों की रोशनी और शरीर की सेहत के लिए फायदेमंद है. इसकी खेती सामान्य गाजर की तरह ही की जाती है और अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी इसके लिए उपयुक्त रहती है. प्रति हेक्टेयर 200 से 250 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण किसानों को सामान्य गाजर से 10-20 रुपये प्रति किलो तक ज्यादा दाम मिल जाते है.   Read More ...

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