उदयपुर की रेणु टंडन की अनोखी भक्ति, तुलसी-केसर से लिखा सुंदरकांड, 22 बार रामचरितमानस रच बनी मिसाल
Hanuman Jayanti Celebration : हनुमान जयंती के पावन अवसर पर उदयपुर की रेणु टंडन अपनी अनोखी भक्ति और साधना के कारण चर्चा में हैं. उन्होंने भक्ति को एक विशेष कला का रूप देते हुए सुंदरकांड को पांच बार अलग-अलग माध्यमों जैसे तुलसी के रस, केसर, चंदन और मिट्टी से लिखा है. इतना ही नहीं, वे अब तक 22 बार रामचरितमानस भी लिख चुकी हैं, जो उनके समर्पण और श्रद्धा को दर्शाता है. रेणु ने चंदन की लकड़ी पर केसर से हनुमान चालीसा लिखकर भी एक अलग पहचान बनाई है. लगातार लिखने से हाथ में दर्द होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे हाथ से लिखना शुरू कर दिया. आज वे दोनों हाथों से लिखने में सक्षम हैं. उनकी यह साधना न केवल उनकी आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी बताती है कि सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो जाता है. Read More ...
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01-04-26 08:04:16pm
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A writer is someone for whom writing is more difficult than it is for other people.
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