मौत के मुंह से लौटकर मां की गोद में पहुंचा शावक, शेरनी ने चूमकर किया जिगर के टुकड़े का स्वागत

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गुजरात के गिर सोमनाथ से वन्यजीव प्रेम और ममता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. वेरावल के पंडवा गांव में कुछ दिनों पहले पांच शेरों का एक कुनबा घूम रहा था जिसमें एक नन्हा शावक तेज बुखार के कारण गंभीर रूप से बीमार हो गया था. वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए शावक को रेस्क्यू किया और उसे एनीमल केयर सेंटर पहुंचाया.एनीमल केयर सेंटर में एक सप्ताह तक चले गहन इलाज के बाद जब शावक पूरी तरह स्वस्थ हो गया तो असली चुनौती उसे फिर से उसकी मां से मिलाने की थी. वन विभाग ने इसके लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया. कुकरास गांव की खदानों के पास जब वन कर्मियों ने शावक को छोड़ा तो सात दिनों से बिछड़ी शेरनी अपने बच्चे को देखते ही उसकी ओर दौड़ पड़ी. मां-बेटे के इस भावुक मिलन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वन विभाग के इस सफल प्रयास ने न केवल शावक की जान बचाई, बल्कि इंसानियत की एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की है.गुजरात के गिर सोमनाथ से वन्यजीव प्रेम और ममता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. वेरावल के पंडवा गांव में कुछ दिनों पहले पांच शेरों का एक कुनबा घूम रहा था जिसमें एक नन्हा शावक तेज बुखार के कारण गंभीर रूप से बीमार हो गया था. वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए शावक को रेस्क्यू किया और उसे एनीमल केयर सेंटर पहुंचाया.एनीमल केयर सेंटर में एक सप्ताह तक चले गहन इलाज के बाद जब शावक पूरी तरह स्वस्थ हो गया तो असली चुनौती उसे फिर से उसकी मां से मिलाने की थी. वन विभाग ने इसके लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया. कुकरास गांव की खदानों के पास जब वन कर्मियों ने शावक को छोड़ा तो सात दिनों से बिछड़ी शेरनी अपने बच्चे को देखते ही उसकी ओर दौड़ पड़ी. मां-बेटे के इस भावुक मिलन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वन विभाग के इस सफल प्रयास ने न केवल शावक की जान बचाई, बल्कि इंसानियत की एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की है.   Read More ...

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