पहलगाम डायरी: साल भर पहले जहां बिछी थीं लाशें, आज उसी सेल्फी पॉइंट पर लौटी मुस्कान, हमले के 1 साल बाद क्या बदल गया?

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Pahalgam Attack Anniversary: एक साल पहले पहलगाम की बैसरन घाटी में गोलियों की गूंज थी, आज वहीं हंसी और उसी सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी की आवाज है. यह बदलाव सिर्फ हालात का नहीं, बल्कि हौसले का है. आतंक ने यहां डर जरूर फैलाया था, लेकिन उसे स्थायी नहीं बना सका. आज पर्यटकों की वापसी यह साबित कर रही है कि कश्मीर की खूबसूरती और लोगों का साहस हर मुश्किल पर भारी है.   Read More ...

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