"उसकी किस्मत में मरना लिखा था", भरत तिवारी एनकाउंटर पर एक पुलिस अधिकारी का यह वाक्य क्यों परेशान करता है?
Bhojpur Encounter SHO Rajesh Malakar Statement: "उसकी किस्मत में मरना लिखा था"... यह बयान उस पुलिसवाले का जिसके नेतृत्व में पुलिस टीम ने भरत तिवारी का कथित तौर पर एनकाउंटर किया था. अगर भरत तिवारी ने वास्तव में पुलिस पर फायरिंग की थी, जैसा कि पुलिस का दावा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. लेकिन अगर घटना का कोई वीडियो सामने आता है, जिसमें वह आत्मसमर्पण करता हुआ दिखाई देता है, तो उसके बाद क्या हुआ, यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. यही वह बिंदु है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मगर चिंता पुलिसकर्मी की भाषा और उसकी संवेदनहीनता को लेकर है. भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में पुलिस की संवेदनशीलता, जवाबदेही और कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. Read More ...
Related posts
Don't miss
Newsletter
Receive daily updates !
Last Comments
A writer is someone for whom writing is more difficult than it is for other people.
Riding the main trail was easy, a little bumpy because my mountain bike is a hardtail